प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच केंद्र सरकार के कामकाज और भाजपा की रणनीति-राजनीति से ज्यादा चर्चा लखनऊ में चल रहे सपा के संग्राम की हुई। भाजपा नेताओं से लेकर दूरदराज से पहुंचे आम लोगों के बीच मुलायम सिंह-शिवपाल-अखिलेश के बनते-बिगड़ते सियासी रिश्तों और प्रदेश सरकार के भविष्य पर अटकलें लगाई जाती रहीं। हालांकि ज्यादातर भाजपाजन सपा के झगड़े को विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिहाज से शगुन मान रहे हैं। कुछ ने तो दावा कर दिया, अब हम नंबर एक हो गए हैं...।
पूर्वांचल के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाली योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम का प्रत्यक्षदर्शी बनने आए लोग 12 बजे से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। प्रधानमंत्री डीरेका शाम को 3.55 बजे पहुंचे। इस बीच में कार्यक्रम स्थल पर मनोरंजन के लिए सांसद एवं गायक, अभिनेता मनोज तिवारी अपनी आशु गायिकी से समां बांधे रहे।
मंच पर भी सरकार की योजनाओं का एलईडी स्क्रीन पर प्रचार चल रहा था, लेकिन कार्यक्रम में आ रहे और वहां बैठे लोगों में प्रदेश की अखिलेश सरकार तथा सपा के भविष्य पर बातचीत हो रही थी। यहां तक कि डीरेका के अंदर और बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों एवं अफसरों के बीच भी लखनऊ की नवीनतम जानकारी हासिल करने की इच्छा दिख रही थी।