धोखाधड़ी की शिकायत के बाद आरोपी दंपती ने उच्च न्यायालय का रुख किया। उन्होंने वहां एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी। आरोपियों ने दावा किया कि तत्कालीन माफिया अतीक अहमद से धमकी दिलवाकर उनसे जबरन समझौता ज्ञापन लिखवाया गया था। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस दलील को खारिज कर दिया। न्यायालय ने मामले को वापस वाराणसी न्यायालय भेज दिया। उस समय अतीक अहमद कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बंद था। इसलिए यह आरोप निराधार पाए गए।
आयकर की जांच में सामने आया कि पूजा ग्रोवर और उमंग ग्रोवर एक से अधिक पैन कार्ड का उपयोग कर रहे थे। पूजा ग्रोवर के नाम पर दो सक्रिय पैन कार्ड मिले। इनमें उनके पिता का नाम और जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी। उमंग ग्रोवर के नाम पर भी दो अलग-अलग पैन कार्ड होने की बात सामने आई। कैंट थाना प्रभारी राज किशोर पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी जांच उप-निरीक्षक विपिन पांडेय को सौंपी गई है। पुलिस ने बैंक खातों और आयकर दस्तावेज की गहन विवेचना शुरु कर दी है।