अधिकारियों ने बताया कि विमान में सामने आई तकनीकी समस्या उड़ान सुरक्षा से जुड़ी थी। ऐसे में एयरलाइन ने किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए विमान को सेवा से बाहर रखा। विमान को दोबारा परिचालन में शामिल करने का निर्णय तभी लिया जाएगा, जब इंजीनियरिंग टीम उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर देगी।
उधर, तकनीकी खराबी वाले विमान की जांच और मरम्मत का कार्य देर रात तक जारी रहा। समाचार लिखे जाने तक रात करीब 9:15 बजे एयरलाइन के तकनीशियन विमान को सेवा योग्य बनाने में जुटे थे और खराबी लगभग दूर कर ली गई थी। हालांकि दोबारा उड़ान संचालन से पहले सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जानी थीं।
इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन कर्मचारियों ने यात्रियों को समय-समय पर स्थिति की जानकारी दी तथा उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रखा। तकनीकी समस्या के बावजूद एयरपोर्ट से अन्य सभी उड़ानों का संचालन निर्धारित समय के अनुसार सामान्य रूप से जारी रहा।