यहां ऐसी व्यवस्था होगी कि बनारस आने वाले पर्यटकों को स्थानीय बनारसी पूड़ी-कचौड़ी, जलेबी, ठंडाई, लस्सी, मलइयो और बनारसी पान सब एक ही जगह मिले। इसके अलावा आपको बनारसी साड़ी या बनारस का हैंडीक्राफ्ट जैसे लकड़ी का खिलौना, गुलाबी मीनाकारी, जरदोजी जैसा सामान भी एक छत के नीचे मिलेंगे।
बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए भी होगा सुविधाजनक
कांप्लेक्स में सीढ़ियों के साथ-साथ बुज़ुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए लिफ्ट एवं एक्सीलेटर का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही भूतल पर पर्यटकों के आराम से बैठने के लिए स्टोन फ्लोरिंग एवं पाथवे भी बनाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए हरियाली का भी ध्यान रखा गया है।
एक नजर में
- तीन मंजिला भवन पूरी तरह वातानुकूलित होगा
- भवन में फ्री वाई-फाई सुविधा होगी
- पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया खुलेगा
- बनारस से जुड़ी पुस्तकों की लाइब्रेरी होगी
- भौगोलिक जानकारी के लिए गैलरी दीर्घा का निर्माण
- सूचना प्रसारण केंद्र बनाया जाएगा
- विश्वनाथ मंदिर के गेट से टूरिस्ट प्लाजा तक पाथवे का निर्माण
- चितरंजन पार्क का सुंदरीकरण किया जाएगा
- कांप्लेक्स का निर्माण 3082.04 वर्गमीटर में हो रहा है
- लोअर ग्राउंड फ्लोर 991.14 वर्गमीटर
- अपर ग्राउंड फ्लोर 922.96 वर्गमीटर
- प्रथम तल पर 922.96 वर्गमीटर क्षेत्रफल
- परियोजना की लागत 28.54 करोड़ रुपये
- दिसंबर-2021 तक कांप्लेक्स पूरा किये जाने का लक्ष्य
दशाश्वमेध प्लाजा का काम तेजी से किया जा रहा है और पिछले दिनों समीक्षा के बाद यहां मजदूरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। प्रयास है कि दिसंबर तक इस प्लाजा का काम पूरा कर लिया जाएगा। - ईशा दुहन, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण