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बिना ट्रायल दिए ओवर एज हो गए खिलाड़ी

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कोरोना काल में क्रिकेट के खिलाड़ियों को बड़ा नुकसान हुआ है। कई खिलाड़ी बिना ट्रायल दिए ही ओवर एज हो गए हैं। जिनके सामने कड़ी स्पर्धा की चुनौती है। जो खिलाड़ी इस वर्ष अंडर 14 का ट्रायल नहीं दे पाए उन्हें अब अंडर 16 में अपने से बड़े उम्र वालों के बीच कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। इसी तरह अंडर 16 के सामने अंडर 19 में और अंडर 19 के सामने अंडर 23 में चुनौती होगी।
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जिला क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई के मानकों पर केवल जनवरी में अंडर-19 ट्रायल लिया। इसमें तीनों जिलों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने ट्रायल दिया था। मगर उसका परिणाम घोषित नहीं हुआ। जबकि बाकी वर्गों का इस वर्ष ट्रायल ही नहीं हुआ। ऐसे में खिलाड़ी उम्मीद लगा रहे है आगामी ट्रायल में बीसीसीआई कोई छूट दे। वाराणसी जोन में बनारस सहित भदोही और चंदौली के सैकड़ों खिलाड़ी ट्रायल देते हैं। ताकि राज्य स्तरीय राष्ट्रीय और ट्राफी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें। मगर इस वर्ष तीन आयु वर्ग के ट्रायल न होने से खिलाड़ी परेशान हैं। बता दें कि वाराणसी जोन में क्रिकेट के अंडर 14, 16, 19 और 23 आयु वर्ग खिलाड़ियों का ट्रायल बनारस में ही होता। जिसमें डेढ़ से दो हजार तक क्रिकेटर हिस्सा लेते हैं।
मैं 2020 में अंडर 14 का ट्रायल देकर कैंप कर रहा था। मगर टूर्नामेंट न होने से मेरा साल खराब हो गया। अब मैं 14 नहीं खेल पाऊंगा। -उत्कर्ष सिंह, पांडेयपुर
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अंडर 16 के लिए तैयारी कर रहा था मगर इस वर्ष किसी टूर्नामेंट के लिए कोई ट्रायल ही नहीं हुआ। अब अंडर 19 के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।--आशीष, शिवपुर
बिहार में होने वाली अंडर 19 के तहत हेमंत ट्राफी के लिए मेरा चयन हुआ था। मगर कोरोना के कारण प्रतियोगिता नहीं हुई। -रोहित सिंह, शक्कर तालाब
अंडर 14 का खिलाड़ी अगर ओवर एज हो जाएगा तो उसे बिना अनुभव और अभ्यास के अंडर 16 में ट्रायल देना पड़ेगा जो काफी मुश्किल होगा।-सैफी अहमद, क्रिकेट कोच, शिवपुर मिनी स्टेडियम
उम्र में छूट के लिए कोई गाइडलाइन नहीं आई है। अनलॉक में अंडर 19 का ट्रायल हुआ मगर परिणाम नहीं आया। जो निर्देश मिलेंगे उसी आधार ट्रायल और टूर्नामेंट होंगे। -जावेद अख्तर, सचिव, जिला क्रिकेट संघ
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