वाराणसी। गर्भ में मारी गई अजन्मी बेटियों के मोक्ष के लिए काशी में श्राद्ध किया गया। दशाश्वमेध घाट पर आगमन सामाजिक संस्था ने अजन्मी बेटियों के मोक्ष की कामना से वैदिक रीति रिवाज के साथ श्राद्ध-तर्पण किया। शुक्रवार को आचार्य पं. दिनेश शंकर दुबे के आचार्यत्व में पांच ब्राह्मणों द्वारा अनुष्ठान कराया गया।
श्राद्ध का आयोजन उन अजन्मी बेटियों के लिए किया गया जिनको जन्म से पहले ही उनके माता-पिता ने कोख में मार दिया। ऐसी ही अजन्मी बेटियों को संस्था के इस आयोजन आखरी प्रणाम के जरिये मोक्ष दिलाने के लिए श्राद्ध कर्म कराया गया। संस्था के सदस्यों के साथ ही घाट पर उपस्थित लोगों ने भी इन बेटियों को पुष्पांजलि अर्पित की। संस्था के संस्थापक सचिव डॉ. संतोष ओझा ने बताया कि छह वर्षों से अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध का आयोजन करते आ रहे हैं। संस्था मानना है कि गर्भपात महज एक ऑपरेशन नहीं बल्कि हत्या है। ऐसे में कोख में मारी गई उन बेटियों को भी मोक्ष मिले और समाज से ये कुरीति दूर हो इसके लिए हम लोग ये आयोजन करते हैं।
इस दौरान रोहित पांडेय, बजरंगी पांडेय, सीताराम और किशन महाराज ने अनुष्ठान पूर्ण कराया। मौके पर संस्था की महिला शाखा की अध्यक्ष रचना श्रीवास्तव, जादूगर जितेंद्र, किरण, राहुल गुप्ता, हरिकृष्ण प्रेमी, दीपिका आदि मौजूद रहे।