सबसे महंगा श्राद्ध अकाल मौत के लिए नारायण बलि है
पिशाचमोचन में सबसे महंगा श्राद्ध अकाल मौत के लिए नारायण बलि है। पांच ब्राह्मणों से नारायण बलि का श्राद्ध कराने के 15 हजार रुपये, त्रिपिंडी श्राद्ध के 8 हजार रुपये और पार्वण श्राद्ध का खर्च 2500 रुपये है। गयातीर्थ और गया श्राद्ध का दाम तय नहीं है। 1100 से लेकर 2500 या इससे ज्यादा भी हो सकता है। यदि घर में एक साथ कई लोगों की मौत हो गई तो प्रति व्यक्ति श्राद्ध का खर्च देना होगा। हर किसी के लिए कम से कम 15-15 हजार रुपये देने होंगे। पांच की अकाल मौत हुई तो सबकी अलग-अलग नारायण बलि दी जाती है।
एक तर्पण में लगते हैं डेढ़ से दो घंटे
पिशाचमोचन में मुन्ना पंडा के परिवार के लोग ही प्रमुख महंत होते हैं। वरना यहां 400 पंडे 15 दिन के लिए खासतौर पर श्राद्ध करवाने का काम करते हैं। जिस स्थान पर बैठकर तर्पण कराते हैं उसका हर व्यक्ति से 500 रुपये किराया लिया जाता है। एक तर्पण में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं। यहां काम सूर्योदय होते ही शुरू हो जाता है और आधी रात तक चलता है। ये सभी पंडे हाईटेक हैं। इनके पास वॉकी टॉकी है। पानी चाहिए, गोबर या फिर दूध वॉकी टॉकी से बात कर ऑर्डर कर दिया जाता है। सफाई करनेवाले को भी इसी से बुलाते हैं। यहां आनेवाले यजमान को खाली हाथ सिर्फ दक्षिणा लेकर आना होता है। सारा सामान पैकेज सहित यहीं मिल जाता है।
पिशाचमोचन के महंत मुन्नालाल पंडा के परिवार के नीरज पांडे बताते हैं कि यहां आधे से ज्यादा लोग अकाल मौत वाले ही होते हैं। मान्यता है कि पिशाचमोचन पर प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती है। लोगों को आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक दिक्कतों को दूर करने के लिए भी श्राद्धकर्म यहीं करना ही होता है।