राखी सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से कहा कि 24 जुलाई 2023 को सुबह 7 बजे से ज्ञानवापी परिसर में एएसआई ने सर्वे किया था। उस दिन मसाजिद कमेटी ने परिसर के अंदर मौजूद पदाधिकारियों ने दरवाजे का ताला नहीं खोला था। उसकी चाबी एएसआई की टीम को नहीं दी थी। ऐसा लग रहा है कि कमेटी वहां मौजूद हिंदू धर्म से संबंधित साक्ष्यों को नष्ट करना चाहते हैं। अगर साक्ष्य नष्ट हो जाएंगे तो मुकदमे के निस्तारण में परेशानी होगी। उपयुक्त न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचने में समस्या आएगी।
श्रावण मास में अधिमास पड़ने की वजह से ज्ञानवापी में मिली शिवलिंग जैसी आकृति की तत्काल पूजा-अर्चना की मांग के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन शिखा यादव की कोर्ट में नया वाद दाखिल किया गया है। यह वाद ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य व आदिविश्वेश्वर डोली रथयात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार की तरफ से दाखिल किया गया है। अदालत ने वाद को मूलवाद के रूप में पंजीकृत करने के बाद सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तिथि नियत कर दी। इस वाद में स्टेट ऑफ यूपी और अन्य को पक्षकर बनाया गया है।