महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की जिजीविषा के पीछे कहीं न कहीं हमारे महापुरुषों की राजनीतिक, सांस्कृतिक व आर्थिक दूरदर्शिता रही है। महाराणा प्रताप व गोखले जी का व्यक्तित्व हमारे आधुनिक युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में खुद को संभालने व आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
सोमवार को काशी विद्यापीठ में पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से महाराणा प्रताप एवं गोपाल कृष्ण गोखले की जयंती पर वह संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने महाराणा प्रताप एवं गोपाल कृष्ण गोखले की भूमिका व योगदान पर प्रकाश डाला। प्रो. संजय शर्मा, डॉ. किरण सिंह, डॉ. कविता आर्य, डॉ. पारिजात सौरभ, डॉ. निशा सिंह, डॉ. जया कुमारी आर्यन, डॉ. सुरेखा जायसवाल, डॉ. अनीता, डॉ. नवरत्न सिंह मौजूद रहे। स्वागत डॉ. केके सिंह, संचालन डॉ. उर्जस्विता सिंह तथा धन्यवाद कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने किया।
इतिहास विभाग में हुई गोष्ठी
वाराणसी। इतिहास विभाग में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत महाराणा प्रताप की जयंती पर गोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता डॉ. विनोद कुमार सिंह ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. संतोष सिंह रहे। संचालन डॉ. अंजना वर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जय कुमारी आर्यन ने दिया। इस दौरान डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. अनिरुद्ध तिवारी, डॉ. अर्चना गोस्वामी, डॉ. अलका पांडेय, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव मौजूद रहे। ब्यूरो