रियो ओलंपिक में भारतीय पहलवान नरसिंह यादव को खेलने से रोकने के विश्व की सबसे बड़ी खेल अदालत कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स के फैसले से पूरा देश मायूस है। देश अभी महिला पहलवान साक्षी मलिक के कांस्य पदक के जश्न की खुमारी में ही था कि नरसिंह यादव के मामले में वाडा (वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी) ने भारतीय कुश्ती टीम को करारा झटका दिया। डोपिंग मामले में वाडा की अपील पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ने नरसिंह को डोपिंग का दोषी करार देते हुए उन पर चार साल के प्रतिबंध का फैसला सुना दिया। नरसिंह के समर्थन में खड़े लोगों ने साजिशकर्ताओं पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है।
सिगरा स्टेडियम में शुक्रवार को वाराणसी कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव गोरख यादव ने कहा कि हमें पता है कि नरसिंह को फंसाया जा रहा है। हम सब उसके साथ हैं। उधर, वाराणसी ओलंपिक संघ के कार्यवाहक सचिव शम्स तबरेज शम्पू ने कहा कि पहलवान नरसिंह यादव के मामले में नाडा और वाडा की आंखमिचौनी ने ओलंपिक में भारत की मुहिम को झटका लगा है।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबालर नूरआलम ने कहा कि नरसिंह यादव से देश को काफी उम्मीदें थीं। ऐसे खिलाड़ी के साथ यदि अन्याय होता है तो यह खेल जगत के लिए शर्मनाक है। यूपी कुश्ती संघ के कार्यकारिणी सदस्य राजीव सिंह रानू ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह के सारे प्रयासों पर वाडा ने पानी फेर दिया। यदि खिलाड़ियों के साथ ऐसे ही साजिश होती रहेगी तो युवा पीढ़ी खेलों की रुख करने से डरेगी। वाराणसी नौकायन संघ के अध्यक्ष रघुराज सिंह ने कहा कि नरसिंह यादव प्रकरण की सीबीआई जांच जरूरी है। ताकि नरसिंह को न्याय मिल सके और इस साजिश का पर्दाफाश हो सके।
वाडा की अपील पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स द्वारा भारतीय फ्री स्टाइल पहलवान नरसिंह यादव पर लगे चार साल के प्रतिबंध से उनका परिवार स्तब्ध है। पिता पंचम यादव ने कहा किबेटे के साथ अन्याय हो रहा है। उसे ओलंपिक में जाने से रोकने वाले लोग कामयाब हो गए। इस साजिश की सीबीआई से जांच होनी चाहिए। यह नरसिंह ही नहीं बल्कि देश की इज्जत का भी सवाल है। शुक्रवार की दोपहर चोलापुर विकास खंड के खरदहां (नीमा) गांव में अपने घर पर पंचम यादव ने कहा कि अभी तक नरसिंह के बात नहीं हुई है। मालूम है कि वह हमलोगों से ज्यादा परेशान है। एक होनहार और ईमानदार खिलाड़ी के साथ इससे बड़ा अत्याचार और कुछ नहीं हो सकता। उसके खिलाफ साजिश करने वाले कामयाब हो गए। ईश्वर ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा। उधर, नरसिंह की मां भुलना देवी ने सिर्फ इतना ही कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है। उसके बाद वे पूजा-पाठ में व्यस्त हो गईं। उधर, उनके गांव में मायूसी है। लोगों को कहना था कि पूरी उम्मीद थी रियो ओलंपिक में नरसिंह देश के लिए मेडल जीतेंगे मगर उन पर वाडा के प्रतिबंध से हम सब मायूस हैं।
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि रियो ओलंपिक में नरसिंह यादव का न खेलना भारत के लिए दुखद है। वह उम्दा खिलाड़ी है। उसके साथ साजिश हुई। साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश करने के लिए प्रधानमंत्री से मिलकर सीबीआई से जांच की मांग करूंगा। जांच इसलिए भी जरूरी है कि ताकि भविष्य में किसी दूसरे खिलाड़ी के साथ ऐसा न हो।
ब्राजील के शहर रियो डि जेनेरियो से फोन पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी खेल अदालत का फैसला जल्दबाजी में आया है। विदेशों में खेल को लेकर जो कानून है कि कोर्ट ने उसी कानून के तहत निर्णय दिया है। नरसिंह को अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया। कहा कि भारतीय कुश्ती के लिए यह निराशाजनक क्षण है। इससे युवा खिलाड़ियों का मनोबल पर असर पड़ेगा।
सिंह ने कहा कि ब्राजील से लौटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलूंगा और घटनाक्रम से अवगत कराऊंगा। नरसिंह प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग करूंगा। कहा कि सीबीआई जांच में निर्दोष मिलने पर नरसिंह पर लगा डोपिंग का कलंक धुल जाएगा। जिन लोगों ने साजिश रची है, उनके नाम भी उजागर होंगे। कहा कि नरसिंह के खिलाफ साजिश रचने वालों को बेनकाब करके रहूंगा। ताकि फिर कभी किसी खिलाड़ी का कॅरियर तबाह न हो।