असि नदी को बचाने के लिए रविवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं, अफसरों और छात्रों ने फावड़ा और गैंता से कई टोकरी सिल्ट निकाली। जल्द ही जेसीबी लगाकर असि नदी की सफाई कराई जाएगी।
नाले में तब्दील हो चुकी करीब आठ किमी लंबी असि नदी के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार आरएन सिंह ने पिछले रविवार को सफाई की पहल शुरू की है। यह दूसरा रविवार था, जब श्रमदान किया गया।
सहोदर वीर पुलिया के पास असि नदी की तलहटी की सफाई के लिए सुबह 6:30 बजे ही श्रमदान शुरू हो गया। असि नदी मुक्ति अभियान के संयोजक डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी, हनुमान प्रसाद, बाबा रामशरण दास के अलावा संतोष कुमार सिंह, राजेश सिंह, श्रीप्रकाश त्रिपाठी, शाश्वत पांडेय, कपींद्र तिवारी ने फावड़ा चलाया।
पुष्कर तीर्थ स्थित शीतलदास अखाड़ा के वेदपाठी बटुकों के अलावा नेल्सन कंपनी की वाराणसी शाखा, अग्रणी भारत के कर्मियों के अलावा यमुना मिशन के पवन और चंद्रशेखर सेठ ने श्रमदान किया। वाराणसी में कुछ दिनों से प्रवास कर सीवरेज और पेयजल स्रोतों शोध कर रहीं इंग्लैंड निवासी केली ने भी सिल्ट निकाली।
तटों के चिह्नांकन का निर्देश
असि नदी को पुनर्जीवित करने के अभियान में पहली बार नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार और जोनल अधिकारी अतुल यादव कर्मियों के साथ पहुंचे।
नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारी अतुल यादव को निर्देश दिया कि सफाई अभियान में तेजी के लिए असि नदी के दोनों किनारों के बीच की दूरी को सुनिश्चत करें।