Varanasi News: भवन स्वामी गणेश प्रसाद मिश्रा हैं। वे बगल मकान बनाकर रहते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा नोटिस दी गई थी, मगर आपसी विवाद और मुकदमे के कारण इसकी स्थिति इसी तरह बनी हुई है। हमने बहुत कोशिश की कि भवन को गिरा दें या मरम्मत करवा दें। मगर, दूसरी पार्टी इसका विरोध करती रही।
नगर निगम और जिला प्रशासन की सख्ती के बाद कार्रवाई का असर अब देखने को मिल रहा है। कोतवाली जोन के काल भैरव इलाके में दण्डपाणी भैरव से सटा करीब ढाई सौ साल पुराना जर्जर भवन मंगलवार को नगर निगम की टीम के साथ भवन स्वामी ने खुद की सहमति ध्वस्त करवाया।
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काल भौरव मंदिर के समीप दण्डपाणी भैरव गली, जिससे होते हुए श्रद्धालु काल भैरव मंदिर का दर्शन करने जाते हैं। वहीं, भयानक स्थिति में जर्जर भवन संख्या के. 31/50 किसी घटना के होने का संकेत कर रहा था।
प्रत्येक रविवार को काल भैरव मंदिर का दर्शन करने के लिए इसी जर्जर भवन के नीचे से हजारों की संख्या में श्रद्धालु लाइन लगाकर दर्शन करने के लिए जाते हैं। भवन ट्रस्टी शिव शंकर व्यास के नाम से है, जो करीब ढाई सौ साल पुराना है। सोमवार को भवन स्वामी ने नगर निगम के साथ मिलकर ध्वस्तीकरण की करवाई को क्षेत्रीय पार्षद संजय कुमार गुजराती (विश्वभरी) के साथ मिलकर आगे बढ़या।
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पार्षद ने कहा कि इस भवन को लेकर मैं भी काफी चिंतित रहता था। इसके लिए मैंने नगर निगम को 7.10.2023 को पत्र भी लिखा था और जोनल अधिकारी कोतवाली से निरीक्षण भी करवाया तथा मकान मालिक को समय-समय पर इस भवन के लिए सचेत भी करता रहा।
भवन स्वामी प्रशांत व्यास ने कहा कि मेरा भवन करीब ढाई सौ साल पुराना है। इस पर कुछ लोगों का कब्जा भी था। भवन काफी दिनों से खाली पड़ा है। कोई घटना हो जाती तो कानूनी कार्रवाई मेरे ही ऊपर होती। इस कारण नगर निगम की कार्यवाही के बाद इसे गिरवाना उचित समझा।