अंधरापुल, तेलियाबाग और जगतगंज के नागरिक बरसात के समय जान जोखिम में डालकर सड़कों पर निकलते हैं। तेज बारिश से इन इलाकों में घुटने भर ऊपर तक पानी लग जाता है। अब तक नाले की सफाई न होने की वजह से नागरिकों में आक्रोश है। लोगों को चिंता सता रही है कि इस बारिश में भी नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
बारिश के मौसम में अंधरापुल, तेलियाबाग और जगतगंज में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। जब देर तक झमाझम बरसात होती है तो ये इलाके जलमग्न हो जाते हैं। सड़कें लबालब होने के साथ ही लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। मरी माई मंदिर, तेलियाबाग से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर वरुणा नदी है, बावजूद इसके जलभराव की गंभीर समस्या हर साल उत्पन्न हो जाती है। नगर निगम की नाकामी और अदूरदर्शिता के चलते यहां के लोगों की बरसात में दुर्गति होती है। तेलियाबाग से साजन तिराहे तक करीब 2050 मीटर लंबे नाले में सिल्ट और कचरा जमा हुआ है। बारिश का मौसम नजदीक है लेकिन अब तक शहर के बड़े नालों की सफाई नहीं हो सकी।
नाला सफाई में लापरवाही पड़ी भारी ः फरवरी से काम शुरू होने के बावजूद शहर के नालों की सफाई पूरी न होने पर नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने कड़ा रुख अपनाया है। संतोषजनक काम न होने पर उन्होंने सोमवार को सामान्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस मामले में उन्होंने दो अभियंताओं पर कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियंता कैलाश सिंह से प्रगति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही लापरवाह ठेकेदारों को काली सूची में डालने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई से अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
अमर उजाला में नालों की सफाई का काम अधूरा होने की खबरें प्रकाशित होने पर नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी।
नगर आयुक्त ने कहा कि पांच महीने पहले काम शुरू कराने का उद्देश्य था कि बारिश से पहले सारे नाले साफ हो जाएं लेकिन अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया। इस पर उन्होंने अवर अभियंता आरके पांडेय को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ अवर अभियंता संतोष पटेल को कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। उन्होंने पांच जून से पहले सारे नालों को साफ करने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों से पूछा कि किन-किन नालाें की सफाई का परीक्षण किया गया और निरीक्षण के दौरान जिस भी अभियंता की लापरवाही सामने आई तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई। उन्होेंने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि अपने अधीनस्थों के साथ बैठक कर समय से काम पूरा कराने की ठोस योजना बनाएं।