शहीद जवान जीतेन्द्र दूबे को सलामी देते सेना के जवान।
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प्रशासन की ओर से एसडीएम, सीओ गांव में मौजूद रहे। देर शाम वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। छांगापुर गांव निवासी अखिलेश दुबे के बड़े पुत्र देवेंद्र दुबे बीएसफ में एसआई पद पर कार्यरत थे। उनकी तैनाती राजस्थान के बाड़मेर में थी। शुक्रवार को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। इसकी खबर मिलने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
शहीद जवान जीतेन्द्र दूबे के अखिरी दीदार को उमड़ा जनसैलाब।
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वह शव आने की बाट जोह रहे थे। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को दोपहर बीएसएफ के जवान शव लेकर गांव पहुंचे। ताबूत से लिपटकर पत्नी सीमा, मां विजयलक्ष्मी बिलख पड़ी। चौदह माह की बेटी पिता के अंतिम दर्शन के लिए ताबूत के पास गई तो सबकी आंखें छलक गई। देवेंद्र यादव जिंदाबाद के नारे हर तरफ गूंजते रहे।
नेवढ़िया क्षेत्र के छांगापुर गांव में शहीद जवान जीतेन्द्र दूबे के शव के पास गमजदा बैठे पिता अखिलेश दूबे।
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इस मौके पर मछलीशहर के भाजपा जिलाध्यक्ष रामविलास पाल, सपा की पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ अवधनाथ पाल, भाजपा नेता अरविंद सिंह दारा, सपा नेता लकी त्रिपाठी, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, आशीष सिंह मुन्ना, राजकुमार सिंह, चंद्रभान यादव प्रधान, राना यादव प्रधान, कपिल यादव, ललित तिवारी, दिनेश तिवारी, थानाध्यक्ष नेवढ़िया संजय सिंह आदि ने मौजूद होकर एसआई को श्रद्धांजलि दी।