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वाराणसी में कोरोना टीकाकरण में लोग परेशान, पोर्टल और स्लॉट में इस तरह हो रही दिक्कत

Tue, 11 May 2021 05:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

पंजीकरण के बाद भी नहीं लगा टीका, केंद्रों पर भटकते रहे लोग।
ईएसआईसी में विरोध में हंगामा, महिला अस्पताल से भी निराश लौटे लोग।
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कोरोना टीकाकरण - फोटो : PTI
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विस्तार
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वाराणसी में कोरोना टीकाकरण को लेकर रोजाना किचकिच हो रही है। जहां एक ओर पंजीकरण कराने के बाद लोगों को केंद्र, टाइम स्लॉट लेने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, वही अगर पंजीकरण में केंद्र, टाइम मिल भी जा रहा है तो भी टीका नहीं लग पा रहा है। सोमवार को टीका न लगने से नाराज लोगों ने ईएसआईसी अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया, जबकि महिला अस्पताल कबीरचौरा में भी पंजीकरण के बाद भी टीका न लगने की वजह से बहुत से लोगों को निराश लौटना पड़ा।

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जिले में 18 से 44 साल तक के लोगों के लिए जहां 17 केंद्रों पर टीकाकरण की व्यवस्था कराई गई है, वहीं 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी 60 से ज्यादा केंद्र बनाए गए हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि जहां केंद्रों पर पर्याप्त टीका नहीं पहुंच पा रहा है, वही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कराकर जाने वालों को भी निराशा ही हाथ लग रही है।

ईएसआईसी अस्पताल, जिला महिला अस्पताल समेत कई केंद्रों पर इसको लेकर के लोगों की कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। इसमें कुछ लोग दूसरी डोज भी लगवाने गए थे, लेकिन पहली डोज में लगा टीका न होने की वजह से उन्हें लौटा दिया जा रहा था। इसकी शिकायत लोगों ने अस्पताल में मौजूद अधिकारियों से भी की लेकिन इस समस्या का हल नहीं निकल सका।

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मोबाइल में केंद्र का नाम टाइम स्लॉट दिखाते रहे लोग
जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा और ईएसआईसी अस्पताल सहित कई केंद्रों पर सोमवार को टीका लगवाने पहुंचे बहुत से लोग मोबाइल में केंद्र का नाम, 10 मई का डेट और टाइम स्लॉट दिखाते रहे। बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण के बाद केंद्र भी आवंटित हुआ था और उन्हें टाइम स्लॉट भी मिला था। ऐसे में केंद्र पर पहुंचने पर पता चला कि उन्होंने जो ऑनलाइन पंजीकरण किया है, उसका कंप्यूटर में कोई रिकॉर्ड ही नहीं आया है। ऐसे में लोग मोबाइल पर टाइम स्लॉट को दिखाते रहे और नाराजगी जताई। उनका कहना था कि तेज धूप में आने के बाद भी विभागीय लापरवाही की वजह से ही उन्हें भटकना पड़ रहा है।

केस एक
चंदमारी निवासी आमोद सिंह पत्नी के साथ महिला अस्पताल टीका लगवाने आए थे। बताया कि समय से टीकाकरण करा लेंगे। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया। यहां आने पर पता चला कि पंजीकरण का डिटेल केंद्र के कंप्यूटर में नहीं है। लिहाजा टीका नहीं लग सका। 

केस दो
भेलूपुर की मधु सिंह पहले तो लाइन में खड़ी रही। किसी तरह महिला अस्पताल टीकाकरण केंद्र के अंदर पहुंचीं तो पता चला कि टीका नहीं लग सकेगा। बताया कि जब पंजीकरण की व्यवस्था की गई है तो उसका पूरा ब्यौरा भी कंप्यूटर में दर्ज होना चाहिए। विभाग की तकनीकी खामियों का आखिर हम लोग शिकार हो रहे हैं। 
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ग्रामीण इलाकों में रही अफरातफरी
केवल शहरी इलाकों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी टीकाकरण को लेकर अफरातफरी का माहौल रहा। राजातालाब स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखिनी पर आए लोगों ने बताया कि मोबाइल पर मैसेज तो आया था लेकिन टीकाकरण के लिए जब काउंटर पर पहुंचे तो सिस्टम पर मैसेज न शो करना  बता कर उन्हें वापस किया गया। उधर चिरईगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 45 साल से अधिक उम्र के लोग टीका लगवाने पहुंचे। बताया कि टीके की पहली डोज कोविशिल्ड लगवाई गई थी लेकिन सोमवार को यहां आने पर पता चला कि कौवेक्सीन लग रही है। चिकित्सा अधिकारी द्वितीय डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि 10 वायल कोवैक्सीन मिली थी, इस वजह से कोविशिल्ड लगवाए लोगों को दूसरा डोज नहीं दिया जा सका।
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