रोशनी की उम्मीद में मोतियाबिंद की सर्जरी कराने वाले व्यक्ति की जिंदगी में डॉक्टर की लापरवाही के कारण हमेशा के लिए अंधेरा छा गया। रौशनी जाने के बाद वह व्यक्ति सदमे में आ गया। नेत्र अस्पताल से बीएचयू में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान रविवार को मरीज यज्ञनारायण चौबे की मौत हो गई।
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बनारसः डॉक्टर की लापरवाही से चली गई छह लोगों के आंखों की रोशनी
शनिवार को उन्हें लो शुगर की शिकायत के बाद बीएचयू में भर्ती कराया गया था। उनकी मौत का कारण भी यही बताया जा रहा है। दूसरी ओर परिजन इससे आक्रोशित हैं। मारवाड़ी प्रबंधन के साथ ही वेे प्रशासन से भी नाखुश हैं।
12 जून को मारवाड़ी अस्पताल में छह लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। 72 घंटे बाद जब मरीजों के आंखों की पट्टी खुली तो सभी की आंख की रोशनी चली गई थी। परिजनों के हंगामा के बाद इन मरीजों का दोबारा ऑपरेशन कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि सभी के आंखों की रोशनी लौट आई है जबकि परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
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मारवाड़ी अस्पताल मामलाः दोबारा आपरेशन के बाद लौटी मरीजों के आंखों की रोशनी
इन्हीं में से एक मरीज यज्ञनारायण चौबे को लो शुगर होने की शिकायत पर शनिवार को बीएचयू में भर्ती कराया गया था। रविवार को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद से ही वे सदमे में थे। उनकी तबीयत भी ऑपरेशन कराने के बाद से ही बिगड़ी थी।