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ठिठुरन भरी यात्रा को विवश हो रहे यात्री

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Passengers are being forced into a chilling trip
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सर्दी शुरू, रोडवेज बसों में यात्री सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं
बसों की खिड़कियां व शीशे हैं टूटे,नहीं लगे हैं आल वेदर बल्ब
90 में से 30 बसें चल चुकी हैं 10 लाख कि लोमीटर से अधिक
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। आठ लाख प्रतिदिन की इनकम देने वाला जौनपुर रोडवेज डिपो की बसों की हालत में सर्दी शुरु होने के बाद सुधार नहीं हुआ है। अधिकांश बसों की खिड़कियां व शीशे टूटे हैं। वहीं सीटें भी फटी पड़ी हैं। आल वेदर लाइट भी नहीं लगी है। जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 30 रोडवेज की बसें ऐसी हैं, जो 10 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं। बावजूद इसके बसों का संचालन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के जौनपुर रोडवेज डिपो से कुल 90 बसों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें 83 बसें परिवहन निगम की और सात बसें अनुबंधित हैं। इन बसों का संचालन लखनऊ, गोरखपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी, मिर्जापुर आदि स्थानों के लिए किया जाता है। इन बसों से प्रति दिन लगभग 12 हजार यात्री का आवागमन होता है। वहीं प्रतिदिन आठ लाख रुपये की रोडवेज डिपो को इनकम भी होती है। इसके बावजूद सर्दी शुरू होने के बाद भी बसों में यात्री सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। हालत यह है कि न तो बसों की खिड़कियां व शीशे ही दुरुस्त हैं और न ही बसों की सीटें ही अच्छी हैं। अधिकांश बसों की खिड़कियां व शीशे टूटे हुए हैं। वहीं सीटें भी फटी पड़ी हैं। जिससे ठंडक में यात्रियों को यात्रा के दौरान दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यात्री इसके लिए रोडवेज प्रशासन को कोस रहे हैं। वाराणसी से आए मचहटी गांव निवासी अमित सिंह ने बताया कि रोडवेज बस पर जिस खिड़की के पास बैठे थे। वह टूटी थी। बस में कई सीटें भी फटी हुई थीं। वहीं इलाहाबाद से आने वाले आंबेडकर तिराहा निवासी राजन श्रीवास्तव ने बताया कि जिस बस से मै आया। उसके अधिकांश खिड़िकियों के शीशे टूटे हुए थे। जिससे हवा आने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
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कोट:
सर्दी के मद्देनजर बसों में यात्री सुरक्षा के इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। शीघ्र ही बसों की क्षतिग्रस्त खिड़िकियां व शीशों सहित फटी सीटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। वहीं बसों को दुर्घटना से बचाने के लिए आल वेदर बल्ब भी जल्द ही लगाया जाएगा।
आरके गुप्ता
एआरएम, रोडवेज
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