पशुपति नाथ के रूप में स्थापित शिवलिंग
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के प्रबंधक रोहित ने बताया कि पशुपतिनाथ मंदिर का निर्माण नेपाल के राजा राणा बहादुर साहा ने करवाया था। वाराणसी में मंदिर निर्माण के उद्देश्य से वो काशी आए और प्रवास किया। प्रवास के दौरान पूजा पाठ के लिए उन्होंने काशी में शिव मंदिर बनवाने का निर्णय लिया, वो भी नेपाल के वास्तु और शिल्प के अनुसार। गंगा किनारे घाट की भूमि इस मंदिर के निर्माण के लिए चुनी और इसका निर्माण शुरू कराया इसी दौरान 1806 में उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद उनके बेटे राजा राजेंद्र वीर विक्रम साहा ने इस मंदिर का निर्माण 1843 में पूरा कराया।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंदिर का निर्माण नेपाल से आए कारीगरों ने किया था। मंदिर निर्माण में प्रयोग की गई लकड़ी को भी राजा ने नेपाल से ही मंगवाया था। इस काठवाले मंदिर को छोटा खजुराहो भी कहा जाता है। हालांकि यह रचना लकड़ी की बनी हुई है फिर भी यह दीमक मुक्त है।