कंपनीबाग स्थित राजकीय उद्यान में भूमिगत पार्किंग का मामला लटक गया है। उप निदेशक उद्यान अनिल कुमार सिंह ने आवास विकास परिषद के परियोजना प्रबंधक को पत्र लिखकर उद्यान में पार्किंग न बनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने उच्च न्यायालय के उस आदेश का जिक्र किया है जिसमें कहा गया है कि सार्वजनिक एवं अलंकृत उद्यानों में किसी प्रकार के निर्माण पर रोक है।
उपनिदेशक ने इस संबंध में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के निदेशक के पत्र को भी भेजा है। इसमें इस बात का उल्लेख है कि राजकीय, सार्वजनिक उद्यानों एवं पार्कों के अंदर किसी प्रकार की गोष्ठी, मेला, सांस्कृतिक एवं मांगलिक कार्यक्रम न किए जाएं। बता दें, शहर में लग रहे जाम और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए आवास विकास परिषद की ओर से तीन स्थानों पर पार्किंग का प्रस्ताव बनाया गया था। इसके निर्माण के लिए बीते सोमवार को हुई बैठक में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने हरी झंडी भी दे दी थी। कंपनीबाग के अलावा सर्किट हाउस और मैदागिन स्थित भारतेंदु पार्क में भी पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है।
जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि बेहतरीन उद्यान, उसकी सुंदरता के लिए केंद्र सरकार की ओर से थ्री स्टार का ग्रेड मिला हुआ है। पिछले महीने केंद्र से आई टीम ने उद्यान को हरा-भरा, साफ सुथरा एवं सुंदर दिखने के लिए नकद पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
वरुणापार इलाके का कंपनीबाग उद्यान इकलौता है। अंग्रेजों के जमाने से स्थापित इस उद्यान में विभिन्न प्रकार की प्रजातियां मौजूद है। सुबह लोग मार्निंग वाक के लिए भी आते हैं। उद्यान में फौव्वारा, लाइटिंग की शानदार व्यवस्था है। जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि पहले ही सीवेज पाइप लाइन डाली जा चुकी है जिसके चलते पूरा उद्यान बर्बाद हो गया था। काफी मेहनत और कई साल के बाद फिर उसे पूर्व की स्थिति में लाया जा सका है। दोबारा पार्किंग की व्यवस्था हो गई तो पूरा उद्यान बर्बाद हो जाएगा।