नगर निगम को जनता की दुश्वारियों से कोई लेना-देना नहीं है। जहां वाहन पार्किंग बनाने की जरूरत है, वहां तो पार्किंग बनाई नहीं, लेकिन जहां बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान या ऐसे संस्थान हैं, उनके लोगों-ग्राहकों की सहूलियत का निगम प्रशासन बखूबी ध्यान रखता है। ऐसा ही किया जा रहा है लंका में भी। एक निजी अस्पताल के पास माधव मार्केट कॉलोनी की सड़क पर सार्वजनिक पार्क के किनारे नगर निगम ने पार्किंग बना दी है।
नगर निगम की उदासीनता के चलते लंका इलाके में रोज सैकड़ों लोग गाड़ियां खड़ी करने के लिए परेशान होते हैं। ऐसे में जहां जगह मिलती है वहीं वाहन खड़ा करके चले जाते हैं। नतीजतन लंका चौराहे से रविदास गेट और नरिया एवं सामनेघाट मार्ग पर दो और चार पहिया वाहनों की बेतरतीब लंबी कतार होती है। इसके चलते सुबह से देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
इसके अलावा लंका चौराहे और सामनेघाट मार्ग पर आटो खड़े होने से मुसीबत और बढ़ जाती है। बीएचयू के छात्रों, राहगीरों, मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके बाद भी नगर निगम प्रशासन मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंका में अन्य स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए।