फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महीनों से बदहाल पांडेयपुर-हुकुलगंज मार्ग पर दुश्वारियां बढ़ीं

Fri, 18 Dec 2015 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो वाराणसी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महीनों से बदहाल पांडेयपुर-हुकुलगंज मार्ग के मरम्मत की प्रक्रिया अब फाइनेंसियल टेंडर के फेर में फंस गई है। जिस सड़क को दो महीने पहले बन जाना चाहिए था वह विभागीय उदासीनता के चलते अब तक चलने के लायक नहीं हो पाई है। राहगीर और यात्री किसी तरह गिरते पड़ते इस मार्ग से गुजर रहे हैं। हाल यह है कि जगह-जगह गड्ढे, बिखरी गिट्टियां आए दिन दुर्घटना का सबब बन रही है।
विज्ञापन

28 नवंबर को शहर में प्रवास के दौरान मुख्य सचिव आलोक रंजन ने विभागीय समीक्षा के बाद इस सड़क को तत्काल बनाने का निर्देश दिया था इसके बाद भी निर्माण नहीं शुरू हो पाया है। उधर, लगभग आठ महीने से सड़क की बदहाली के चलते राहगीरों को चलना दुभर हो गया है। आए दिन धूल के गुबार के बीच गड्ढे में गिरकर राहगीर चोटिल हो रहे हैं जबकि विभागीय अफसर इस दिशा में मौन साधे हैं।
दरअसल, इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी को कराना था लेकिन बाद में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने अवस्थापना निधि से इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण को दे दी। डेढ़ किलो मीटर से अधिक लंबी सड़क को वीडीए द्वारा लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जाना है। सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई तभी तत्कालीन वीडीए उपाध्यक्ष सर्वज्ञ राम मिश्र का स्थानांतरण गैर जनपद हो गया। तब जिलाधिकारी राजमणि यादव को प्रभारी बनाया गया था।
विज्ञापन

इस बीच शासन ने दिनेश कुमार सिंह को उपाध्यक्ष के पद नियुक्त कर दिया लेकिन उन्हेेें बिहार चुनाव में गोपालगंज का पर्यवेक्षक बनाकर भेज दिया गया। इसके चलते टेंडर की प्रक्रिया ही नहीं शुरू हो पाई। नवनियुक्त उपाध्यक्ष के आने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन काम में धीमी गति होने की वजह से अब तक तकनीकी टेंडर ही हो     पाया है। अभी फाइनेंसियल टेंडर        होना बाकी है। विभागीय उदासीनता के चलते राहगीर जैसे-तैसे         चल रहे हैं। वीडीए के अवर   अभियंता बीएन सिंह का कहना है   कि टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे पूरा कर सड़क मरम्मत का काम प्रारंभ करा       दिया जाएगा। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें