यूपी बोर्ड की परीक्षा में स्वकेंद्र की मांग कर रही छात्राओं ने बुधवार को सर्किट हाउस पहुंचे प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव का काफिला रोक दिया। नाराज छात्राओं ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया और अपनी मांग के समर्थन में नारे भी लगाए। धरना प्रदर्शन में 50 से अधिक स्कूलों की छात्राएं, प्रधानाचार्य और छात्राओं के अभिभावक भी शामिल थे।
हालांकि बाद में राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने छात्राओं को आश्वासन देकर शांत कराया। वहीं, शाम करीब साढ़े छह बजे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अरविंद सिंह पटेल के नेतृत्व में शिक्षकों के साथ हुई बातचीत में शिवपाल ने हर हाल में स्वकेंद्र बहाली का आश्वासन दिया।
मालूम हो कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए केंद्रों का निर्धारण हो रहा है। 60 से अधिक स्कूलों की छात्राएं स्वकेंद्र की मांग कर रही हैं। अपनी इसी मांग को लेकर छात्राएं बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगीं। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव का काफिला सर्किट हाउस जाने के लिए वहां से गुजर रहा था, तभी छात्राओं ने सड़क पर आकर काफिले को घेर लिया। छात्राओं ने जमकर नारेबाजी भी की। हालांकि शिवपाल अपनी गाड़ी से नहीं उतरे।
उन्होंने कहा कि मैं यूपी कालेज एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा हूं। वहां से लौटने के बाद बात करूंगा। मंत्री सुरेंद्र पटेल ने भी छात्राओं को समझाया। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस ने छात्राओं को हटाकर काफिले को आगे रवाना किया।
छात्राओं और अभिभावकों का कहना था कि केंद्र निर्धारण में खूब मनमानी की गई है। जिन स्कूलों की क्षमता 300 छात्रों की है, वहां 1000 छात्रों का सेंटर बना दिया गया है।
हाईस्कूल और इंटर में छात्राओं को हमेशा से स्वकेंद्र की सुविधा मिलती रही, लेकिन इस बार उनसे यह सुविधा छीन ली गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्कूलों की स्थिति सबसे खराब है। यहां 10 से 15 किलोमीटर दूर सेंटर दे दिया गया है।