भुगतान न होने पर बनेगा चुनावी मुद्दा
अन्य ग्राम प्रधानों का कहना है कि 25 दिसंबर को अधिकार समाप्त हो गया। इसके बाद अगर ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा और बकाया रह जाएगा तो विपक्षी पार्टी चुनाव में इसे मुद्दा बना सकते हैं। लिहाजा वे संपूर्ण काम की भुगतान करके अपना दामन साफ रखना चाहते हैं। डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह ने बताया कि 60 हजार ग्राम पंचायतों का एक साथ बैंक से ऑनलाइन लेन-देन हो रहा है। इसके चलते सर्वर जाम की समस्या है।