बिहार के बहुचर्चचित चारा घोटाला मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। जब बात लालू प्रसाद यादव की हो तो उनके गुरू पगला बाबा उर्फ विभूति नारायण को कैसे भूल सकते हैं। एक बार बाबा ने लालू को श्राप दिया था। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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lalu yadav pagala baba
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर जिले के अघोरी तांत्रिक पगला बाबा के आश्रम पर लालू यादव का आना जाना लगा रहता था। पगला बाबा अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनका अप्रेल 2017 में निधन हो गया। अपने अटपटे स्वभाव के लिए मशहूर पगला बाबा लालू यादव समेत कई हाई प्रोफाइल लोगों के गुरु थे। लालू यादव ने पगला बाबा से ऐसे कई मौके आए जब पगला बाबा ने अनुष्ठान किया। जिसका फायदा लालू और उनके परिवार को मिला।
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pagala baba
- फोटो : अमर उजाला
एक बार चुनाव में जीत के लिए लालू यादव ने बाबा का आशीर्वाद लिया। बाबा ने लालू यादव से कहा कि जीतने के बाद आश्रम में आकर साधना करना। लालू यादव चुनाव जीतने के बाद आश्रम नहीं पहुंचे। जब लालू यादव चारा घोटाले में बढ़ती मुसीबतों के निराकरण के लिए बाबा के पास पहुंचे तो बाबा ने लालू यादव को श्राप दिया, 'लालू तुझे घमंड है कि तू बहुत बड़ा पुरोधा है। तू मिट्टी में मिल जाएगा।'
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- फोटो : pagala baba
लालू ने कहा था कि बाबाजी ने बचपन में मेरे जीवन की रक्षा तब की थी जब परिजनों और डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी थी। पूजा के दौरान ही लालू ने फोन से अपनी पत्नी राबड़ी देवी से बाबा की बात करा कर आशीर्वाद भी दिलवाया था।
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- फोटो : अमर उजाला
पगला बाबा के बारे में कहा जाता था कि वह किसी की नहीं सुनते थे। भक्तों के दुःख गाली देकर और उनको डंडे से पीटकर भगाते थे। पर उनका डंडा खाने के लिए लोग लालायित रहते थे। कई घंटे इंतजार करने के बाद लोग उनसे मिल पाते थे।
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लालू यादव
बाबा इस तरीके का व्यवहार जानबूझ कर इसलिए करते थे की उनके पास कम लोग आए जिससे उनकी साधना में व्यवधान उत्पन्न न हो। इन्ही आचरणों के कारण उन्हें पगला बाबा कहा जाने लगा। वे जानवरों से बहुत प्यार करते थे। पगला बाबा अपने पास सदैव दो चार भेड़, कुत्ते इत्यादि रखते थे और उनकी देखभाल स्वयं किया करते थे।
इतना ही नहीं उनका भोजन भी अपने हाथों से ही बनाते थे। उनको खिलाने के पश्चात ही अपनी पेट पूजा करते थे। उनके करीबी भक्त कहते है कि जैसे ही उनको याद करते थे भले ही हजार किलोमीटर दूर ही क्यों न हो, बाबा के प्रत्यक्ष दर्शन हो जाते थे। उनके शिष्यों की मानें तो निधन के समय उनकी आयु लगभग 450 साल की थी। लालू यादव ने पगला बाबा को भगवान शिव का अवतार बताया था।