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बाबा के दरबार से शक्ति के धाम के लिए निकलेगी पदयात्रा

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बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से मां विंध्यवासिनी के धाम तक निकलने वाली पदयात्रा 30 जुलाई को आरंभ होगी। कोरोना संक्रमण काल के दो साल निकलने वाली पदयात्रा के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। वाराणसी से विंध्यधाम तक के रास्ते में जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाएगा। इस यात्रा की खास बात यह है कि पिछले कई साल से परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। यात्रा में शामिल होने के लिए देश भर से श्रद्धालु बनारस पहुंच रहे हैं।
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बाल माता मंदिर देवीकोठा के महंत दीपक बहल व सूचना मंत्री विकास मेहरोत्रा मन्नू ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दो साल बाद श्रावण शुक्ल पक्ष दूज 30 जुलाई को श्री बाल माता मंदिर देवीकोठा से पूर्वाह्न 11 बजे से यात्रा आरंभ होगी। मां का जयकारा लगाते हुए ढोल नगाड़ों के साथ पदयात्री मां भद्रकाली मंदिर होते हुए खत्री धर्मशाला पहुंचेंगे। ज्योति पूजन के बाद भजन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद शोभायात्रा मां विंध्यवासिनी पदयात्रा स्वागत समिति के तत्वावधान में शाम चार बजे शुरू होगी। यात्रा सत्यनारायण मंदिर बांसफाटक, गोदौलिया, गिरजाघर होते हुए गुरुद्वारा गुरुबाग पहुंचेगी। वहां पर मत्था टेककर पदयात्री मां के धाम प्रस्थान करेंगे। यात्रा का प्रथम पड़ाव भीमचंडी, द्वितीय पड़ाव श्री हनुमान मंदिर बरनीघाट कछवा बाजार और षष्ठी को मां के धाम पहुंचेंगे। नागपंचमी को हर वर्ष एक दिन में बनारस से हजारों लोग मां के धाम जाते हैं। महंत दीपक बहल ने पदयात्रियों से शोभायात्रा और सहायता शिविर में शामिल होने की अपील की है।
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