पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की बेटी संगीता मिश्रा
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पिताजी तो जांच रिपोर्ट मिलने के बाद से वह स्तब्ध हैं। हम लोगों ने सीएम को मेल करके अपनी शिकायत दर्ज करा दी था और उनसे मिलने का भी समय मांगा था। मेल में उन्होंने सीएम से न्याय की गुहार लगाई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि अस्पताल की ओर से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराया जाना और हर बार अलग-अलग बयान देना जाहिर करता है कि दाल में कुछ काला है। जांच समिति भले ही उनकी बहन की मौत को स्वाभाविक बता रही हो लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है।
बीते शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे डिप्टी सीएमओ डॉ. पीयूष राय ने घर जाकर जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में मैदागिन स्थित मेडविन अस्पताल को क्लीन चिट दी गई थी। जांच कमेटी के अनुसार, इलाज में मेडविन अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि संगीता मिश्रा को प्रतिदिन समय से भोजन कराया जाता रहा है। उनके कपड़े भी प्रतिदिन बदले जाते थे। उनके स्वास्थ्य के विषय में स्वजनों को प्रतिदिन जानकारी दी जाती थी। हालात बिगड़ने पर भी देर रात उनके स्वजनों को फोन करके बताया गया था। उनके निधन की सूचना भी अस्पताल प्रबंधन ने दी थी। जांच कमेटी ने सभी बिंदुओं पर जांच करके रिपोर्ट में लिखा है कि एक मरीज के साथ जो भी इलाज में प्रक्रिया अपनानी चाहिए, अस्पताल प्रबंधन ने उसका बखूबी निर्वहन किया है।
सीएम भी हो गए भावुक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगभग घंटे भर की मुलाकात के बाद पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र संतुष्ट होकर निकले। मंगलवार को सर्किट हाउस में ऐसे भी क्षण आए जब खुद मुख्यमंत्री भी भावुक हुए और कोरोना महामारी में पत्नी-बेटी को खो देने वाले सुरों के सम्राट छन्नू महराज के आंखें भी छलछला गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंडित जी, आप देश नहीं दुनिया की धरोहर हैं। आपकी विश्वविख्यात ख्याति से हम सब गर्व महसूस करते हैं। आपके साथ पूरी सरकार खड़ी है। हम शासन स्तर पर भी मामले की छानबीन कराएंगे। किसी स्तर की लापरवाही हुई होगी, कार्रवाई होगी।
पंडित छन्नूलाल मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद उन्हें फोन कर कुशलक्षेम जाना। हमारे दुख में वह खड़े थे। अस्पताल प्रबंधन को लेकर मुझे पीड़ा रही। मुख्यमंत्री से कहा कि आप पर मुझे पूर्ण भरोसा है। अपने निश्छल स्वभाव के लिए विख्यात पंडित छन्नूलाल मिश्र ने मुख्यमंत्री को मृत्युंजय महादेव के प्रसाद के रूप में इत्र भेंट किया। महराज के बडप्पन से मुख्यमंत्री अविभूत हो गए। इस दौरान छन्नूलाल मिश्र की पुत्री नम्रता, कमिश्नर दीपक अग्रवाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र सिंह मौजूद थे।
पंडित छन्नूलाल मिश्र की पत्नी की कोरोना के कारण मौत हो गई थी। कुछ ही दिन बाद उनकी बेटी की इलाज के दौरान मौत हुई थी। बेटी की मृत्यु पर परिवार के लोगों ने एक निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया था।