बच्चों को रोजाना शाम को छह से 7 बजे तक नीतिवचन और संस्कृत का पाठ कराना तो जैसे दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। वितानिका, वेदश्री, सुमित, राहुल, विद्महे शास्त्री, संगीता और आंचल रोजाना इसमें हैंडवाश और सैनिटाइजेशन के बाद शामिल होते हैं। इसके अलावा उनके लेखन के लिए भी पर्याप्त समय मिल रहा है।