वाराणसी। कोरोना के नए वैरियंट के प्रभावी होने के मद्देनजर अस्पतालों में इससे बचाव के जो इंतजाम किए गए हैं, उनका मूल्यांकन मंगलवार को मॉकड्रिल के माध्यम से किया गया। इस दौरान बीएचयू, जिला अस्पताल, बरेका केंद्रीय अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट चलवाया गया। साथ ही कोविड वार्ड बनाए जाने, बेड की उपलब्धता के साथ ही दवा, जांच, इलाज आदि की सुविधाएं भी परखी गईं। इस बीच शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में बनी सीएचसी पर सुविधाओं की समय-समय पर निगरानी करते रहने की सलाह दी गई।
मॉकड्रिल के क्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएचयू, शास्त्री अस्पताल रामनगर, सीएचसी मिसिरपुर समेत कुल 11 जगहों पर नोडल अधिकारियों ने पहले ऑक्सीजन प्लांट चलवाया, उसके बाद वार्डों में जाकर वहां की अन्य सुविधाओं की हकीकत जाना। दीनदयाल अस्पताल में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अंशु सिंह ने सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी के साथ ऑक्सीजन प्लांट, मरीजों के लिए बनने वाले वार्ड सहित अन्य तैयारियों का जायजा लिया। उधर शास्त्री अस्पताल रामनगर में एक डमी संक्रमित मरीज को एंबुलेंस से उतारकर कोविड वार्ड तक ले जाने, जांच, इलाज का पूर्वाभ्यास किया गया। जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भी ऑक्सीजन प्लांट चलवाकर उसकी जांच की गई।
अस्पतालों में बेड रिजर्व, स्वास्थ्य केंद्रों पर पीकू वार्ड तैयार
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से निपटने लिए जिले के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी व्यवस्था हैं। ऑक्सीजन और बेड की कोई कमी नहीं है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा की पूरी उपलब्धता भी है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एसएस कनौजिया ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के इलाज के लिए पीकू वार्ड तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर कोरोना संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए पीडियाट्रिक वार्ड भी तत्काल में उपयोग में लाए जा सकते हैं। जिले में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं हैं, लेकिन नए वैरिएंट को देखते हुए कोविड मरीजों के लिए बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
शहरी पीएचसी पर सुविधाओं का मूल्यांकन जरूरी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी पीएचसी पर स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने की कवायद चल रही है। इसके तहत सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने समय-समय पर पीएचसी पर सुविधाओं का मूल्यांकन करते रहने की सलाह प्रभारियों को दी।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित क्वालिटी इंश्योरेंस की बैठक में सीएमओ ने कहा कि मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं जैसे जनरल क्लीनिक, मातृत्व स्वास्थ्य, नवजात शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण सेवाएं, संचारी व गैर संचारी रोगों से बचाव, ओपीडी, ड्रेसिंग, लैब आदि को सुदृढ़ किया जाएगा। कहा कि सभी 24 शहरी पीएचसी में कायाकल्प पुरस्कार, नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस (एनक्वास) और लक्ष्य सर्टिफिकेशन के उद्देश्य से सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने और दस्तावेज के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके मौर्य, क्वालिटी इंश्योरेंस के नोडल अधिकारी डॉ. यतीश भुवन पाठक सहित कई लोग मौजूद रहे।
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मशीनों व उपकरणों की हुई सफाई
बरेका में मंगलवार को सुशासन सप्ताह के समापन पर अग्नि सुरक्षा अभियान का शुभारंभ किया गया। इसमें बनारस रेल इंजन कारखाना में कार्य स्थल, कालोनी परिसर, मशीनों, उपकरणों व संयंत्रों की साफ-सफाई हुई। इसके साथ ही वेस्ट डिस्पोजल के लिए अलग-अलग कूड़ेदान के प्रयोग के लिए जागरूक किया गया। वहीं विशेष स्वच्छता अभियान के तहत बैनर पोस्टर व पंफलेट के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान सभी विभागों, कार्यशाला के कर्मचारियों द्वारा कार्य स्थल पर श्रमदान कर मशीनों, उपकरणों व संयंत्रों की सफाई की गई। बरेका महाप्रबंधक अंजली गोयल ने सभी से अपने घर के आसपास व कार्यालय में साफ-सफाई रखने की अपील की।