पुलिस उपायुक्त मुख्यालय में अधिवक्ता और किसानो का आक्रोश देखने को मिला। दो दिन में किसान महाकुंभ के अनुमति देने का अल्टीमेटम भरा ज्ञापन दिया और आक्रोश व्यक्त किया। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अनुमति देने में हीला हवाली कर रहा है।
छत्रपति शिवाजी महाराज एवं स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर मराठा सेवा संघ एवं स्वामी सहजानंद सरस्वती किसान महासभा द्वारा 19 फरवरी से 22 फरवरी तक चार दिवसीय कार्यक्रम के अनुमति आवेदन पर कमिश्नरेट पुलिस वाराणसी के हीलाहवाली से आक्रोशित अधिवक्ताओ ने पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुये अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय को अनुमति दो दिन में अनुमति देने का अल्टीमेटम देते हुये दिया ज्ञापन।
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किसान नेता अधिवक्ता विनय शंकर राय "मुन्ना" ने कहा कि महाकुंभ में भगदड़ के ठीक बाद तीन दिन का पिण्ड्रा महोत्सव की खुली छूट सहित तमिल संगमम् सहित भाजपा पोषित कार्यक्रमो हेतु खुली छूट और महापुरूषो की जयंती सहित रचनात्मक पहल को पुलिस प्रशासन की रोकने की साजिश सत्ता का दुरूपयोग कर मौलिक अधिकारो एवं संवैधानिक अधिकारो का हनन है। प्रेम प्रकाश सिंह गौतम एवं पूर्व महामंत्री प्रदीप राय ने कहा कि कमिश्नरेट प्रशासन की मनमानी का अधिवक्ता समाज माकूल जबाब देगा अन्यथा पुलिस प्रशासन सबके साथ एक समान व्यवहार करे।
महाकुंभ के नाम पर सामाजिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध और सत्ताधारी राजनीतिक दल के कार्यकर्मो की छूट मौलिक अधिकारो का हनन है अगर प्रतिबंध लगाना है तो सबके कार्यक्रम पर और कार्यक्रम करने देना है तो हर वैधानिक कार्यक्रम को करने दिया जाय अन्यथा जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी।