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बीएचयू में हिंदी में ही होगा मूल पत्राचार

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बीएचयू में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष संख्या-1 में प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इसमें हिंदी में मूल पत्राचार करने सहित कई अहम निर्णय लिए गए। इसके अलावा कार्यालयी कामकाज में हिंदी का उपयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
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बैठक में प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय में राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत दस्तावेज अनिवार्य रूप से द्विभाषी जारी किए जाएं, मूल पत्राचार हिंदी में ही किया जाए। वेबसाइट पर आंकड़े द्विभाषी रूप में अपलोड किए जाएं, यह भी जरूरी है। हिंदी अधिकारी डॉ. विचित्रसेन गुप्त ने बताया कि बैठक में हिंदी तिमाही प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और लक्ष्यानुरूप पत्राचार करने और राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के तहत जारी किए जाने वाले कागजातों को अनिवार्य रूप से द्विभाषी में जारी किए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही हिंदी में मूल पत्राचार, हिंदी में टिप्पण लेखन, राजभाषा संबंधी जांच बिंदुओं का गंभीरतापूर्वक पालन, कार्यालयी कामकाज में टिप्पण/आलेखन मूल रूप से हिंदी में करने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू करने और राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप हिंदी पुस्तकों की खरीद करने, प्रगति पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा। बैठक में कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, विज्ञान संस्थान निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी, प्रो. एके रघुवंशी, वित्ताधिकारी अभय ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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