श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा को चलने वाले निर्माल्य से अब खेतों की फसल लहलहाएगी। बाबा को प्रतिदिन चढ़ने वाले कई कुंतल माला, फू ल और बेलपत्र से अब ऑर्गेनिक खाद बनाने का काम शुरू हो गया है। इसका शुभारंभ बुधवार की दोपहर मंदिर के मुख्य कार्यपालक विशाल सिंह और द आर्ट ऑफ लिविंग के ट्रस्टी दीपक ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि बाबा को चढ़ने वाले निर्माल्य के सदुपयोग के लिए यह पहल की जा रही है। इस निर्माल्य का इस्तेमाल लोग घर में लगाए गए तुलसी के पौधों में भी कर सकेंगे। द आर्ट आफ लिविंग के ट्रस्टी दीपक ने बताया कि छोटे-छोटे पैकेट में भी खाद उपलब्ध है।
इस खाद को लोग किचान गार्डन, घर में रखे गमले में उपयोग कर सकेंगे। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और आर्ट आफ लिविंग के बीच एमओयू किया गया है। जिसमें निर्माल्य से खाद बनाकर मंदिर के अलावा मंदिर के हेल्प डेस्क पर छोटे-छोटे पैकेट में बिक्री करेंगे। इस अवसर पर अनूप कुमार सिंह, मधु शेखर वाजपेयी मौजूद रहे।