अदालत में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से रईस अहमद और मुमताज अहमद ने कहा कि वक्फ बोर्ड को पार्टी नहीं बनाया जा सकता। वक्फ की संपत्ति की सुनवाई का अधिकार लखनऊ स्थित वक्फ बोर्ड को है। ऐसे में यहां दावा नहीं चल सकता है।
अदालत ने इन दोनों मामलों में 15 सितंबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। जिसमें 21 सितंबर को आदेश पारित हुआ और 22 सितंबर को सुनवाई की अगली तारीख तय कर दी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ऋचा शर्मा की अदालत ने बीएचयू में छात्र आकाश मिश्र पर हमले के मामले में डॉ. ए के खन्ना और डॉ. पुनीत समेत अन्य पर दर्ज मामले में अग्रिम विवेचना का आदेश लंका प्रभारी निरीक्षक को दिया है।
अदालत ने कहा कि पत्रावली से स्पष्ट है कि तीन अप्रैल 2018 को घटना वाले दिन घटनास्थल पर काफी भीड़ थी। लेकिन किसी का जिक्र विवेचना में नहीं है। ऐसे में अग्रिम विवेचना के लिए थानाध्यक्ष को निर्देशित किया जाता है और अग्रिम विवेचना कर अपनी आख्या अदालत में अविलंब प्रस्तुत करें।
कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 30 अक्टूबर नियत की है। अदालत में सोनबरसा चौबेपुर निवासी पीड़ित छात्र की तरफ से बनारस बार अध्यक्ष विनोद पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह प्रिंस, अनुज यादव, वरुण प्रताप सिंह, रंजन मिश्र, नित्यानन्द राय व संजय दाढ़ी ने कोर्ट में दलीलें पेश की।