वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय आशीष कुमार राय की अदालत ने नेपाली युवक का सिर मुंडवाने के मामले में आरोपी अरुण पाठक के खिलाफ जारी फरार घोषित करने का आदेश खारिज कर दिया है। इसके साथ ही आदेश की प्रति विवेचक को भेजने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक करवाई न करने का आदेश दिया था। उसी आदेश के अनुसार कोर्ट ने अरुण पाठक के खिलाफ जारी फरार घोषित करने का आदेश खारिज कर दिया।
भेलूपुर थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने 16 जुलाई को थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक नेपाली व्यक्ति का सिर मुंडवाया जा रहा है। वीडियो में नेपाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। मामले में विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक और अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस के अनुरोध पर अदालत ने अरुण पाठक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। अरुण पाठक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ कोई उत्पीड़नात्मक करवाई न करने का आदेश दिया था। इसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी। इसी बीच पुलिस ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर उन्हें फरार घोषित करने का आदेश प्राप्त किया।