डीएम की जांच में यह बात सामने आई है कि दुष्कर्म का आरोपी जिला अस्पताल में भर्ती था, जो नियम विरुद्ध हुआ है। इसी कड़ी में चंदाैली के एसपी ने भी मुख्य आरक्षियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
जिला जेल में दुष्कर्म के आरोपी को पूर्व डिप्टी जेलर मीना जायसवाल और डॉ. शिवेश जायसवाल की मिलीभगत से पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में भर्ती कराने के मामले में दोषियों पर जल्द कार्रवाई होगी। चंदौली के पुलिस अधीक्षक ने मुख्य आरक्षी मोहन कुमार, मेराज खान और सुशील यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है।
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जिलाधिकारी एस. राजलिंगम द्वारा कराई गई जांच में यह सामने आया है कि शिवपुर थाने में दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे का आरोपी चंद्रभूषण सिंह उर्फ प्रभूजी नियम विरुद्ध तरीके से जिला अस्पताल में 30 नवंबर से 31 दिसंबर 2024 तक भर्ती था।
एडीएम (भू-राजस्व) और डिप्टी सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने जिला जेल की पूर्व डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया, जिला अस्पताल के डॉ. शिवेश जायसवाल और चंदौली जिले के तीन मुख्य आरक्षियों को दोषी पाया। इस संबंध में चंदौली के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने बताया कि तीनों मुख्य आरक्षियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जाएगी। उधर, डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि वाराणसी के जिला जेल प्रशासन से कुछ और कागजात तलब किए गए हैं। वाराणसी के जिलाधिकारी की कार्रवाई की संस्तुति के आधार पर डिप्टी जेलर मीना कन्नौजिया के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।