मां विंध्यवासिनी के कुष्मांडा रूप का दर्शन करते भक्त।
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Navratri 2025: विंध्याचल धाम में चल रहे चैत्र नवरात्र के चौथे व पांचवें दिन बुधवार को देवी दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा स्नान करने के उपरांत माता दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से शीश नवाकर मंगल कामना की। गुड़हल, कमल, गुलाब पुष्पों से देवी का किया गया दिव्य स्वरूप का दर्शन पाकर श्रद्धालु निहाल हो उठे।
भोर से लेकर देर रात तक माता की जय जयकार से देवी धाम गूंजता रहा। चैत्र नवरात्र के चौथे व पांचवें दिन आदिशक्ति के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर में माता की मंगला आरती के पूर्व ही दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लाइन में लग गए थे। देवी दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान पूर्वक दर्शन पूजन कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
नवरात्र में देवी मां के पूजन अर्चन को लेकर संपूर्ण विंध्याचल क्षेत्र का माहौल भक्ति में हो चुका है। बुधवार को देवी धाम पहुंचे भक्तों ने माता के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा देवी का दर्शन पूजन किया। भोर से लेकर देर रात तक अनवरत घंटा घड़ियाल के बीच मां के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा।
दर्शनार्थियों ने मंदिर पहुंचकर माता का दर्शन पूजन करने के बाद हवन कुंड में आहुतियां डालकर अपने घर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की। संपूर्ण विंध्याचल क्षेत्र में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
विंध्याचल के साथ ही अष्टभुजा पहाड़ पर महाकाली माता मां अष्टभुजी देवी एवं माता तारा देवी के साथ ही कई अन्य देवियों के मंदिरों की रंग बिरंगी लाइट और फूल पत्तियों से की गई भव्य सजावट की अलौकिक छटा देखते ही बन रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तगड़े इंतजाम किए गए थे।