वाराणसी पुलिस की कार्यवाही में ढेर हुए समस्तीपुर बिहार के मनीष और रजनीश के पिता ने अपने सगे पुत्रों का शव लेने से इंकार कर दिया है। स्थानीय थाने मोहिनुद्दीनगर को वाराणसी के बड़ागांव पुलिस ने नोटिस भेजा था।
वाराणसी मुठभेड़ में ढेर दोनों बदमाशों का बड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। पिछले एक दशक से बिहार के समस्तीपुर समेत अन्य जिलों में इनकी दहशत थी। चारों भाई रजनीश, मनीष और लल्लन, राजेश का आतंक पूरे बिहार में था। पुलिसकर्मियों की दिनदहाड़े हत्या कर असलहा लूट के साथ ही गिरोह के संग बैंक डकैती और अन्य जघन्य वारदात को अंजाम देना ही इनका काम था।
मुठभेड़ में मारे गए मनीष और रजनीश के पिता शिव शंकर ने कई बयान दिए हैं। उन्होंने कहा- "दोनों सक्रिय अपराधी थे, कभी घर नहीं आते थे, हमारा उनसे कोई लेना देना नहीं है और नाही हम उनका शव लेने वाराणसी जायेंगे" ।
बता दें कि कल वाराणसी पुलिस की कार्यवाही में ढेर हुए समस्तीपुर बिहार के मनीष और रजनीश के पिता ने अपने सगे पुत्रों का शव लेने से इंकार कर दिया है। स्थानीय थाने मोहिनुद्दीनगर को वाराणसी के बड़ागांव पुलिस ने नोटिस भेजा था। बिहार पुलिस ने जब मृतक भाइयों के गांव में परिवार को थमाया नोटिस तब पिता ने लिखित जवाब दिया।