मंडी में थोक में भी 40 किलो में प्याज
उद्यान विभाग के विक्रय केंद्र में 40 रुपये किलो प्याज बेचा जा था तो वहीं मंडी में भी पिछले कुछ दिनों से थोक रेट 40 रुपये ही है। इसे लेकर ग्राहकों में चर्चा होती रही कि जब दाम बराबर चुकाने हैं तो वह विक्रय केंद्र पर लाइन में क्यों लगें।
केवल 54 लोगों को ही प्याज देने के निर्देश
उद्यान विभाग स्थित प्याज विक्रय केंद्र में एक बोरी में प्याज रखकर बेचा जा रहा था। जब विक्रेता से पूछा गया कि प्याज तो कम है, अगर ज्यादा लोग आ गए तो उन्हें प्याज कैसे मिलेगा। इस पर बताया गया कि दो किलो के हिसाब से केवल 54 लोगों को ही प्याज देने के निर्देश हैं। केंद्र पर केवल दो किलो का ही बांट था, लिहाजा इससे कम प्याज लेने आए लोगों को लौटना पड़ा।
प्याज देने से ज्यादा रजिस्टर पर नाम चढ़ाने पर ध्यान
विक्रय केंद्रों पर दो किलो से ज्यादा प्याज किसी भी ग्राहक को नहीं दिया गया। जिसे ज्यादा प्याज चाहिए था, उसे दो नाम बताने पड़े। साथ ही केंद्रों पर प्याज बेचने से ज्यादा रजिस्टर में नाम नोट करने पर ध्यान रहा।
पांडेयपुर के दिनेश दीक्षित ने बताया कि हम प्याज कम खा लेंगे, मगर क्वालिटी से समझौता कैसे करें। प्याज की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। वहीं महमूरगंज के कौशल राय ने कहा कि दो किलो से कम या ज्यादा प्याज नहीं मिल रही है। यहां गरीब और जरूरतमंद को फायदा नहीं मिल पा रहा है।
निदेशक मंडी समिति जेपी सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास लोगों को कम से कम रेट पर अच्छी गुणवत्ता का प्याज उपलब्ध कराना है। जहां कमी है, उसे दूर किया जाएगा।
राजातालाब सब्जी मंडी में पकड़ा गया प्याज
रोहनिया में प्याज के दाम में लगातार तेजी आने के बीच इसके अवैध भंडारण का मामला भी सामने आया है। उपजिलाधिकारी राजातालाब अमृता सिंह के निर्देश पर राजातालाब सब्जी मंडी में मंगलवार को की गई छापेमारी में एक ट्रक में 250 क्विंटल प्याज पकड़ा गया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी टीम की जांच में पता चला कि मेसर्स श्रवण कुमार राय एंड कंपनी की ओर से मंगवाया गया प्याज पहड़िया मंडी में उतरना था, लेकिन इसे राजातालाब में उतारा जा रहा था। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजीव ने बताया कि उक्त कंपनी की क्षमता 500 क्विंटल है, मगर जो प्याज यहां उतर रहा था वह इस फर्म का नहीं था। प्याज पहड़िया मंडी सचिव के हवाले कर दिया गया है।