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वाराणसी: गंगा को साफ करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी मछलियां, एक लाख 25 हजार मछलियों को छोड़ा जाएगा, नाइट्रोजन में आएगी कमी

Wed, 29 Sep 2021 11:07 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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गंगा - फोटो : अमर उजाला
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प्रदूषित हो रही गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रदेश के 12 जिलों में 15 लाख मछलियां छोड़ने की तैयारी है। इसमें बनारस में एक लाख 25 मछलियों को अगले सप्ताह छोड़ा जाएगा। जिसके लिए आराजीलाइन के कृष्णदत्त गांव की एक हैचरी में 80 मिली मीटर के बच्चे तैयार किए गए है। जिन्हें गंगा में रहने वाली मछलियों से तैयार किया गया है। 

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मत्स्य विभाग के उपनिदेशक एनएस रहमानी ने बताया कि गंगा में प्रदूषण को नियंत्रित करने और नदी का इको सिस्टम बरकरार रखने के लिए रिवर रैंचिंग प्रोसेस का भी प्रयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत गंगा में अलग-अलग प्रजाति की मछलियां छोड़ी जाती हैं।

गंदगी करेंगी समाप्त
यह मछलियां नाइट्रोजन की अधिकता बढ़ाने वाले कारकों को नष्ट कर गंदगी को समाप्त करती हैं। साथ ही जलीय जंतुओं के लिए भी हितकारी होती हैं। राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड हैदराबाद की ओर देश की कई प्रमुख नदियों में इस तरह की मछलियों को छोड़ने की योजना है।

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जिसमें उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, कानपुर, हरदोई, बहराइच, बुलंदशहर, अमरोहा, बिजनौर सहित वाराणसी और गाजीपुर जिले 15 लाख भारतीय मेजर कार्प की रोहू, कतला नैन तीन प्रजाति की मछलियों के छोड़ने की योजना है। गुरुवार को लखनऊ में बैठक के बाद अगले सप्ताह तक मछलियों छोड़ा जाएगा।
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