आगे कहा कि कार्तिक मास में दक्षिण भारत में भी विशेष महत्व है। काशी अविमुक्त है। इसे भगवान शिव कभी नहीं छोड़ते। अंबा प्रसाद ने कहा कि कलियुग में पार्थिव लिंगार्चन करने से स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। डॉ. वेंकट के गणजम ने कहा कि भगवान राम ने पार्थिव शिवलिंग पूजा की थी।