नागपंचमी पर घरों व शिवालयों में नागदेवता की पूजा करनी चाहिए। घरों की दीवारों व दरवाजों पर नाग देवता के चित्र लगाकर या गोबर से नाग देव का चित्र बनाकर पूजा की जाती है। दूध, लावा, चावल, हल्दी, चीनी, फूल और रोली अर्पित कर पूजा की जाती है। नागपंचमी के दिन गांव व कस्बों में कुश्ती का आयोजन होता है।
नागदेवता की पूजा से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। शिव मंदिर में वैदिक विद्वानों से अनुष्ठान करवाना चाहिए। कालसर्प दोष के निवारण का सामान्य उपाय ये है कि चांदी या तांबे के बने नाग-नागिन के जोड़े को शिवलिंग पर चढ़ाकर पूजा करने के बाद इस जोड़े को शुद्ध जल, नदी या गंगा में प्रवाहित कर देना चाहिए। साथ ही दान-पुण्य और काले कुत्ते को गुड़ व रोटी खिलाना चाहिए। स्वर्ण, रजत या पंचधातु की सर्पाकार अंगूठी दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करनी चाहिए।