वाराणसी। इमाम हुसैन और शहीदाने करबला के पचासे पर मंगलवार को सदर इमामबाड़ा लाट सरैया में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। दोषीपुरा और चौहट्टा लाल खां से उठे पचासा के जुलूस में शामिल होने के लिए सैकड़ों अकीदतमंद यहां मौजूद थे।
रास्ते भर अलम, दुलदुल, ताबूत और अमारी की जियारत के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। नौहों के बोल के साथ ही खंजर, जंजीर और कमा का मातम कर लहु का नजराना भी पेश किया। उधर, हाड़ कंपाती ठंड में भी हुसैन के चाहने वालों की अकीदत देखते बनी।
मंगलवार को दोषीपुरा से सुबह नौ बजे जाफरिया अजाखाना से अंजुमन जाफरिया व जाफरिया कदीम, अंजुमन अंसारे हुसैनी और अवामी अंसारे हुसैनी की ओर से अमारी, ताजिया, अलम और दुलदुल का जुलूस उठाया गया।
जुलूस बड़ी बाजार, कच्चीबाग, पीलीकोठी आदि क्षेत्रों से होता हुआ सदर इमामबाड़ा पहुंचा। वहीं दूसरा जुलूस अंजुमन आबिदिया की देखरेख में दस बजे दिन में उठाया गया। ये जुलूस पठानीटोला, कज्जाकपुरा होते हुए लाट सरैया पहुंचा।
इस दौरान नौजवान खंजर, जंजीर और कमा का मातम कर लहु का नजराना पेश कर रहे थे। सदर इमामबाड़ा पर मौलाना कासिद ने मजलिस पढ़ी और मौलाना सकलैन हैदर ने अमारी का परिचय कराया।
वहीं चौहट्टा लाल खां में डा. शफीक हैदर ने मजलिस को खिताब किया। हजरत अली कमेटी के सचिव फरमान हैदर ने बताया कि जुलूस में कई अंजुमनों ने शिरकत की।
अंजुमन हैदरी चौक, अंजुमन जव्वादिया, मातमी अंजुमन जव्वादिया, नसीरुल मोमीनीन, हुसैनिया कच्चीबाग, सदा-ए-अब्बास नक्खीघाट आदि ने नौहाख्वानी की। सदर इमामबाड़े पर मेडिकल कैंप लगाया गया था।