मामले का खुलासा होने के बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देश पर बेटी को शेल्टर होम में रखा गया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह ने बताया कि किशोरी पढ़ी-लिखी नहीं है, इसलिए उसका कोई आयु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। किशोरी के वास्तविक उम्र का पता लगाने के लिए उसका मेडिकल कराया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।