शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया, 70 प्रतिशत हिस्से में सीसीटीवी कैमरों से नजर
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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। श्रावण मास में काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांटकर पांच आईपीएस, 50 राजपत्रित अधिकारियों समेत 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। कांवड़ यात्रियों के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन आरक्षित रखी जाएगी। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी और त्रिनेत्र प्रणाली से निगरानी होगी, जबकि गंगा घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग के साथ जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर श्रावण मास की तैयारियों और यातायात और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर मंथन किया। सावन के सोमवार और शिवरात्रि के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर सहित प्रमुख मार्गों पर अत्यधिक भीड़ की संभावना को देख विशेष सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। सुगम दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी। खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि भीड़ में बिछड़ने वाले श्रद्धालुओं को सहायता मिल सके। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये पुलिसकर्मी संदिग्ध और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। 70 प्रतिशत हिस्से में सीसीटीवी कैमरों की कवरेज का दावा कर अधिकारियों ने बताया कि सावन के दौरान त्रिनेत्र प्रणाली से प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थलों की निगरानी की जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के साथ रेलवे स्टेशन पर स्थापित कंट्रोल रूम से भी श्रद्धालुओं की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। हर चार किलोमीटर पर पीआरवी और फैंटम टीम तैनात रहेगी। गंगा घाटों पर जल सुरक्षा के लिए बाढ़ राहत पुलिस, जल पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहेंगे। प्रशिक्षित निजी गोताखोरों भी रहेंगे। घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था व मुख्यालय शिवहरि मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, डीसीपी यातायात अनिल कुमार यादव समेत अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी रहे।