पितृपक्ष पर पितरों को तर्पण
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पितृपक्ष में पितरों की प्रसन्नता के लिए लगाएं पौधे
- - पीपल, अशोक और तुलसी लगाने से खुश होते हैं पितृ।
- पीपल में पानी के साथ दूध और तिल मिलाकर चढ़ाने से तृप्त होते हैं पितर।
श्राद्ध पक्ष में पितरों की संतुष्टि के लिए तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन के साथ ही पौधे लगाए जाते हैं। पितृपक्ष के दौरान तर्पण के साथ ही पौधरोपण से भी पितरों का आशीर्वाद बरसता है। पितरों के साथ देवता भी प्रसन्न होते हैं। पीपल में देवताओं के साथ ही पितरों का भी वास होता है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में पीपल का पेड़ लगाना चाहिए। इसके साथ बरगद, नीम, अशोक, बेलपत्र, तुलसी, आंवला और शमी का पेड़ लगाने से पर्यावरण को साफ रखने में मदद होगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान प्रयास करें कि कम से कम एक पौध अवश्य लगाएं। परिवार के मृत सदस्यों के मुताबिक भी अलग-अलग पेड़-पौधे लगाए जा सकते हैं। इसमें बच्चे के लिए अमरूद, आम या इमली का पेड़ लगाएं। कुंवारी लड़की के लिए आंवला, अनार या अंजीर का पेड़ लगाए जा सकते हैं। सौभाग्यवती स्त्री यानी शादीशुदा महिला के लिए अशोक, तुलसी या सीताफल का पेड़ लगाना चाहिए। दुर्घटना में मृत लोगों के लिए पीपल, बरगद, नीम या शमी का पेड़ लगाएं। माता, दादी और परदादी के लिए पलाश, पारस, पीपल या चंदन का पेड़ लगाया जा सकता है। पिता, दादा और परदादा के लिए बेलपत्र, पीपल, बरगद या आंवले का पेड़ लगाना चाहिए।
वृक्ष के पूजन का लाभ
पीपल: पीपल के पेड़ पर दूध में पानी और तिल मिलाकर चढ़ाना चाहिए। इससे पितर संतुष्ट होते हैं।
बरगद: बरगद के पेड़ को ही साक्षी मानकर माता सीता ने राजा दशरथ के लिए पिंडदान किया था। बरगद पर जल चढ़ाकर इसकी परिक्रमा करने से पितर प्रसन्न होते हैं।
बेलपत्र: इस पेड़ में देवी लक्ष्मी और पत्तों में भगवान विष्णु का वास होता है। भगवान विष्णु की पूजा से पितृ प्रसन्न होते हैं। इसलिए इस पेड़ पर भी दूध में गंगाजल मिलाकर चढ़ाना चाहिए।
अशोक: अशोक के पेड़ को शुभ माना गया है। इसमें भी भगवान विष्णु का वास होता है। इस पेड़ को लगाने से पितृ देवता संतुष्ट और प्रसन्न होते हैं।
तुलसी: तुलसी का पौधा लगाने और उसकी पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। भगवान विष्णु के प्रसन्न होने से पितर भी संतुष्ट हो जाते हैं। इसलिए तुलसी का पौधा पितृपक्ष में लगाना चाहिए। तुलसी के पौधे में रोज जल डालने से भी पितर प्रसन्न होते हैं।