वहीं शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने भी दोनों वर्गों से एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वर्ग से जुमे की नमाज के समय को आगे बढ़ाने की भी अपील की है।
यह हैं सुझाव
- 18 मार्च को जुमा, शबे बरात और होली पर देश की गंगा जमुनी तहजीब के साथ एक दूसरे के धार्मिक जज्बात का ख्याल रखें।
- मुसलमान अपने-अपने मोहल्ले की मस्जिद में ही नमाज अदा करें।
- जिन मस्जिद में जुमे की नमाज 12:30 से एक बजे के बीच में होती हैं वहां 30 मिनट आगे बढ़ा दें।
- शब ए बरात में मुसलमान अपने मरहूम रिश्तेदारों के ईसाले सवाब के लिए कब्रिस्तान जाते हैं। वह शाम पांच बजे के बाद ही जाएं।