वाराणसी। जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर महावीर स्वामी की जयंती पर गुरुवार को निकली शोभायात्रा में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजेगाजे के साथ निकली शोभायात्रा में रास्ते भर अहिंसा परमो धर्म के जयकारे गूंजे। भेलूपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन मुनि प्रमाण सागर ने अहिंसा, जीव दया का संदेश दिया।
बतौर मुख्य अतिथि सूबे के लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल ने चंद्रावती में जैन स्थली की जीर्णोद्धार का भरोसा दिलाया।
मैदागिन स्थित दिगंबर जैन मंदिर से बाजेगाजे के साथ दिन के 11 बजे शोभायात्रा निकाली गई। चांदी के रथ पर विराजमान महावीर स्वामी की की झांकी बुलानाला, आस भैरो, चौक, ठठेरी बाजार, होते हुए दिगंबर जैन पंचायती मंदिर गोपाल दास साहू लेन पहुंची। वहां महिलाओं ने सोहर गाए।
108 रजतकलशों से तीर्थंकर का अभिषेक किया गया। भेलूपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैनमुनि प्रमाण सागर ने कहा कि मनुष्य का कल्या भगवान के पूजन से नहीं उनकी बातों को मानने से होगा। विश्व में बढ़ रहे आतंकवाद, अराजकता, अनाचार, कदाचार, मद्यपान समेत अन्य बुराइयों पर अंकुश भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांत को अपनाकर ही लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संवेदना ही मनुष्य को अहिंसक बना सकती है। भारतीय संस्कृति का मूल आधार ही अहिंसा और सह अस्तित्व का सिद्धांत है। इस सिद्धांत का पालन जीव दया के बिना संभव नहीं हो सकता। कलिकाल में सद्गुरु की कृपा के बिना मानव का कल्याण संभव नहीं है।
विराट सागर महाराज ने कहा कि हर समस्या का समाधान भगवान महावीर के सिद्धांत में निहित है। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मंत्री सुरेंद्र पटेल ने जैन समाज को हर मदद का भरोसा दिलाया। जैन श्वेतांबर तीर्थ सोसाइटी की ओर से भदैनी में महावीर स्वामी की जयंती मनाई गई।