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प्रवासी दिवस: सिर्फ छह अरबपति छात्रों ने IIT BHU को दिया 75 करोड़ का दान, ब्रिटेन में रह रहे 300 पूर्व छात्र

Fri, 09 Jan 2026 06:23 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

NRI Day: 30 साल पहले भारत के दूरदराज के गांवों से बोरिया-बिस्तर लेकर आईआईटी (तात्कालिक आईटी बीएचयू) में पढ़ने आए ज्यादातर पूर्व छात्र अमेरिका में ही बसे और करोड़पति व अरबपति की सूची में आने के बाद महामना का ऋण उतार रहे हैं।
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बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Varanasi News: भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हो चुके आईआईटी बीएचयू के छह विदेशी छात्र अकेले ही 75 करोड़ रुपये दान कर चुके हैं। इनमें से कई की नेटवर्थ 100 करोड़ से लेकर 1200 करोड़ से ज्यादा की है। कुछ फोर्ब्स की सूची में भी जगह बना चुके हैं।

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आईआईटी बीएचयू को छह से ज्यादा पूर्व छात्रों ने 10 करोड़ से ज्यादा फंड दिया। पांच ने एक करोड़ से 10 करोड़ तक का दान दिया। 10 पूर्व छात्रों ने 10 लाख से एक करोड़ के बीच धनराशि संस्थान को दान की। वहीं, 105 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने 10 लाख रुपये तक दान किया है। इनमें से 30 फीसदी संख्या विदेशी पूर्व छात्रों की ही है।

सबसे ज्यादा निकेश अरोड़ा ने दिए 18 करोड़
आईआईटी बीएचयू के लिए सबसे बड़े दानकर्ता अमेरिकी बिजनेसमैन और अमेरिकी साइबर सुरक्षा कंपनी साओ अल्टो पालो के चेयरमैन निकेश अरोड़ा हैं। उन्होंने आईआईटी बीएचयू को करीब 18 करोड़ रुपये दान किए। उनकी ओर से दान की गई राशि से संस्थान में कुल 113 छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाती है। अरबपति निकेश अरोड़ा की नेटवर्थ 140 करोड़ रुपये की है। 1989 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक कर आईआईटी बीएचयू से निकले निकेश अरोड़ा ने अमेरिका में फाइनेंस में मास्टर, एमबीए और चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट के तौर पर शिक्षा ली और 2002 में अपनी कंपनी बनाई।

पूर्व छात्र जय चौधरी का नेटवर्थ 1260 करोड़ रुपये
दूसरे बड़े दानकर्ता हैं अमेरिकी साइबर सिक्योरिटी कंपनी जीस्केलर के सीईओ जय चौधरी। इन्होंने आईआईटी और बीएचयू को 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान किया है। इनकी नेटवर्थ 1260 करोड़ रुपये है। इनके दान से आईआईटी में आंत्रप्रेन्योरशिप सेंटर तैयार किया जा रहा है। इन्होंने 1980 में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग से बीटेक किया और अमेरिका चले गए।

इन तीन विदेशी छात्रों ने दिए 30 करोड़
अमेरिकी बिजनेसमैन व 1982 बैच के पूर्व छात्र रमेश श्रीनिवासन ने आईआईटी बीएचयू को 9.65 करोड़ रुपये दिए। इससे कैंपस में एक छात्र गतिविधि केंद्र खोला गया है। अमेरिकी उद्यमी गुजराज देशपांडे ने अपने पिता श्रीनिवास पांडे (बैच 1948) के नाम से 7.5 करोड़ रुपये दिए। उन्हीं के नाम से आईआईटी बीएचयू की लाइब्रेरी है। कैलिफोर्निया में जूपिटर नेटवर्क के सीटीओ डाॅ. राज यावतकर ने ‘छात्र शैक्षणिक केंद्र’ के लिए आईआईटी बीएचयू को 13.32 करोड़ रुपये दान दिए। उन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1980 में इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया था।
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बीएचयू के पूर्व छात्र सबसे ज्यादा ज्यादा अमेरिका में
बीएचयू की ओर से जारी पुरा छात्र ग्लोबल मैप के अनुसार, अमेरिका में 500 से ज्यादा पूर्व छात्र रह रहे हैं। वहीं, ब्रिटेन में 300, नेपाल में 300, दक्षिण पूर्वी एशिया और अफ्रीका में 100-100, यूएई में 73, ऑस्ट्रेलिया में 57, जापान में 40, फिनलैंड में 22, कनाडा में 13 से ज्यादा पूर्व छात्र हैं।
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