खासकर ब्लॉकिंग और अटैकिंग के समय लंबी कद काठी के खिलाड़ी को एडवांटेज मिलता है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के चयन करते समय उनका भी पूरा फोकस खिलाड़ियों के कद, स्कील, स्टेमिना और उनके डिफेंस पर ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में वॉलीबॉल को लेकर जबर्दस्त क्रेज है।
यहां की पुरुष और महिला दोनों ही टीमें अच्छा खेल रही हैं। जब उनसे यूपी की महिला टीम के प्रदर्शन के बाबत सवाल पूछा गया तो अनुश्री ने कहा कि यूपी की लड़कियों ने लीग चरण में असाधारण प्रदर्शन किया है। टीम का कांबिनेशन अच्छा है। उन्होंने कहा कि यूपी टीम की दो-तीन खिलाड़ियों ने अपने खेल से प्रभावित किया है।
बतौर चयनकर्ता, मेरी नजर उन पर है। एथलेटिक कमीशन की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनुश्री ने कहा कि मेरी भूमिका वॉलीबॉल संघ और खिलाड़ियों के बीच एक सेतु की है। संघ में खिलाड़ियों का पक्ष रखने के लिए मुझे चुना गया है। ताकि नेशनल कैंप हो या कोई टूर्नामेंट खिलाड़ियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। उनकी हर परेशानी और शिकायतों का निवारण करना ही एथलेटिक कमिशन की जिम्मेदारी है।