पर्यटन विभाग ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2006 में कोलकाता से वाराणसी तक पांडव क्रूज की जल यात्रा शुरू की थी। पांडव क्रूज पर विदेशी सैलानियों की भीड़ ज्यादा देखने को मिली थी, लेकिन पांडव क्रूज का दुर्भाग्य यह रहा कि उसे गंगा के गाद व कम पानी होने के कारण क्रूज गंगा नदी में जगह जगह रुक जाता था।
जब दूसरी बार आया तो अपने गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंच पाया। मजबूरी में विभाग को सैलानियों को लग्जरी गाड़ियों से वाराणसी भेजना पड़ा। तभी से जल यात्रा रोक दी गई थी।