वाराणसी। प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा स्मार्ट तरीके से मिलेगी। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीवी सेट, टीचिंग लर्निंग मटेरियल और प्री स्कूल किट के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
नई शिक्षा नीति के तहत जिले में कुल 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों में 500 केंद्रों को पहले चरण में स्मार्ट बनाने का काम किया जा रहा है। इनमें बीते फरवरी से अब तक 302 केंद्रों पर सारी सुविधा उपलब्ध करा दी गई। सेवापुरी के 73 केंद्र, आराजीलाइन के 92, हरहुआ 27, काशी विद्यापीठ में 47, पिंडरा में 22, बड़ागांव में 20, चोलापुर में 13 और चिरईगांव में आठ केंद्र हैं। जबकि 198 केंद्रों को स्मार्ट बनाने का काम जून तक पूरा हो जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास डीके सिंह ने बताया कि स्मार्ट क्लास की स्थापना में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर 102 सेंटीमीटर साइज का एक टेलीविजन और 500 वाट का सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। विषय को रोचक और बोधगम्य बनाने के लिए विकास सहयोगियों के माध्यम से टीचिंग मैटेरियल तैयार कराया गया है। इसमें कहानियां, भाव गीत, फिजिकल एक्टिविटी को कार्टून के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसका प्रशिक्षण सर्व शिक्षा अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग और एक संस्था की ओर से दिया गया है। स्मार्ट क्लास की स्थापना से आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई है और बच्चों का ठहराव भी बढ़ा है। बच्चे पूरी रुचि के साथ केंद्र पर पढ़ते हैं।